रेलवे रिफ्लेक्ट डेस्क। पूर्वांचल, बिहार, झारखंड और बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। ग्रेटर नोएडा का बोड़ाकी रेलवे स्टेशन जल्द ही उत्तर भारत का सबसे बड़ा “मेगा रेलवे टर्मिनल” बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत इसे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी आधारशिला जुलाई 2025 में रखी जाएगी।
3700 करोड़ की लागत, 176 हेक्टेयर में फैला होगा टर्मिनल
रेलवे टर्मिनल कुल 176 हेक्टेयर भूमि में विकसित किया जाएगा, जिसमें से 46 हेक्टेयर में 6 प्लेटफॉर्म और 63 यार्ड लाइनें बनाई जाएंगी। इसके साथ ही रेलवे टर्मिनल के आसपास का क्षेत्र रिटेल, ऑफिस और होटल जैसे व्यावसायिक उपयोग के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। इसका बिल्टअप एरिया 70,000 वर्ग मीटर होगा।
पहले इसकी लागत 1,850 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो अब बढ़कर 3700 करोड़ रुपये हो गई है।
दिल्ली-NCR के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का दबाव होगा कम
वर्तमान में दिल्ली, आनंद विहार और गाजियाबाद स्टेशन पर ट्रेनों और यात्रियों का अत्यधिक दबाव है। नई दिल्ली से रोजाना 300 ट्रेनें और आनंद विहार से 250 ट्रेनें पूर्व की ओर रवाना होती हैं। त्योहारी सीजन में यहां यात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
ग्रेटर नोएडा टर्मिनल शुरू होने से इन स्टेशनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
वंदे भारत से लेकर 100 ट्रेनें चलेंगी ग्रेटर नोएडा से
इस नए टर्मिनल से शुरू में 100 ट्रेनों के संचालन की योजना है, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल होगी। अथॉरिटी का कहना है कि टर्मिनल से प्रतिदिन 70 हजार यात्रियों का आवागमन होगा।
यहां से पूर्वी भारत के राज्यों—बिहार, झारखंड, पूर्वांचल और पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट से सीधा कनेक्शन
ग्रेटर नोएडा टर्मिनल से प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी केवल 30 किलोमीटर है। यह दूरी एक घंटे के भीतर पूरी की जा सकेगी, जिससे टर्मिनल और एयरपोर्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी।
DMIC की अहम परियोजना, मेट्रो और ISBT से होगा कनेक्शन
MMTH को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इस हब में रेलवे स्टेशन के साथ इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) और मेट्रो स्टेशन भी होंगे। इससे यात्री नोएडा, ग्रेटर नोएडा और NCR के अन्य हिस्सों से आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।
भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में, जुलाई से शुरू होगा काम
दिसंबर 2024 में इस परियोजना को रेलवे की विशिष्ट परियोजना घोषित किया गया था। प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। MMTH की कुल जमीन में से केवल रेलवे से जुड़ी भूमि का अधिग्रहण बाकी है, जिसे दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जुलाई से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
